दोस्तों आज इस टॉपिक में हम भारत के सल्तनत काल की शुरुआत के बारे में कुछ चर्चा करेंगे दोस्तों जब मुहम्मद गौरी भारत के उत्तरी हिस्से पर अपना राज्य स्थापित कर चुका था उसने चौहान गढ़वाल सिंह चंदेल आदि कई वर्षों के राजाओं को हराकर अपना राज्य बनाया था खुद घर में रहता था और भारत में उसके राज्य के अलावा अलग-अलग प्रांतों में उसके अधिकारी शासन चलाते थे अधिकारी मोहम्मद गौरी के गुलाम थे क्योंकि मोहम्मद गौरी ने इन्हें खरीदा था एक गुलाम राज्य के अधिकारी थे तुम्हें इस बात से हैरानी होगी दोस्तों कि उन दिनों यह प्रथा थी कि तुर्किस्तान के युवकों को खरीद कर उन्हें युद्ध एवं प्रशासन के कामों में प्रशिक्षण देकर सुल्तान को बेचा जाता था इसलिए वे गुलाम कह जाते थे सुल्तान की सेवा में आने पर योग्य और होनहार गुलामों को उच्च और जिम्मेदारी के पद भी शॉप पर जाते थे और इसके बदले उन्हें ऊंचा वेतन मिलता था सुल्तान मोहम्मद गौरी की सेवा में भी ऐसे कई गुलाम थे और भारत में उनके राज्य शासन चलाते थे 1206 सब मोहम्मद गौरी की मृत्यु हुई तो उसका एक महत्वपूर्ण गुलाम अधिकारी कुतुबुद्दीन ऐबक था उसने गौरी के राज्य से अपना संबंध तोड़ दिया और भारत में ही तुर्क राज्य को मजबूत बनाया इस राज्य का सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक खुद बना राज्य अब तुर्की सल्तनत काल आया अगले शासक इल्तुतमिश ने 1210 में सत्ता संभालने के लिए के साथ दिल्ली
भारत में सल्तनत काल की शुरुआत Edit
दोस्तों आज इस टॉपिक में हम भारत के सल्तनत काल की शुरुआत के बारे में कुछ चर्चा करेंगे दोस्तों जब मुहम्मद गौरी भारत के उत्तरी हिस्से पर अपना राज्य स्थापित कर चुका था उसने चौहान गढ़वाल सिंह चंदेल आदि कई वर्षों के राजाओं को हराकर अपना राज्य बनाया था खुद घर में रहता था और भारत में उसके राज्य के अलावा अलग-अलग प्रांतों में उसके अधिकारी शासन चलाते थे अधिकारी मोहम्मद गौरी के गुलाम थे क्योंकि मोहम्मद गौरी ने इन्हें खरीदा था एक गुलाम राज्य के अधिकारी थे तुम्हें इस बात से हैरानी होगी दोस्तों कि उन दिनों यह प्रथा थी कि तुर्किस्तान के युवकों को खरीद कर उन्हें युद्ध एवं प्रशासन के कामों में प्रशिक्षण देकर सुल्तान को बेचा जाता था इसलिए वे गुलाम कह जाते थे सुल्तान की सेवा में आने पर योग्य और होनहार गुलामों को उच्च और जिम्मेदारी के पद भी शॉप पर जाते थे और इसके बदले उन्हें ऊंचा वेतन मिलता था सुल्तान मोहम्मद गौरी की सेवा में भी ऐसे कई गुलाम थे और भारत में उनके राज्य शासन चलाते थे 1206 सब मोहम्मद गौरी की मृत्यु हुई तो उसका एक महत्वपूर्ण गुलाम अधिकारी कुतुबुद्दीन ऐबक था उसने गौरी के राज्य से अपना संबंध तोड़ दिया और भारत में ही तुर्क राज्य को मजबूत बनाया इस राज्य का सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक खुद बना राज्य अब तुर्की सल्तनत काल आया अगले शासक इल्तुतमिश ने 1210 में सत्ता संभालने के लिए के साथ दिल्ली


