प्रथम महिला शासक कौन थी रजिया सुल्तान इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी बनाया था परंतु सरदारों तथा उलेमा के विरुद्ध विरोध के चलते इल्तुतमिश की मृत्यु के बाद उसका पुत्र रुक मुद्दीन फिरोज गद्दी पर बैठ गया लेकिन दुर्बल शासक होने के कारण 1236 जजिया दिल्ली की गद्दी पर बैठे और सुल्तान कहीं जाने लगी रजिया से पूर्व प्राचीन मिस्र और ईरान में महिलाओं ने की रानियों के रूप में शासन किया था परंतु मध्यकालीन विश्व की पहली मुस्लिम महिला सशक्ति रजिया सुल्तान रजिया ने लगभग 3 वर्ष 8 महीने शासन किया रजिया ने स्त्रियों का पहनावा छोड़ दिया और बिना पर्दे के दरबार में बैठने लगी युद्ध में सेना का नेतृत्व भी करती अमीरों को शीघ्र ही पता लग गया कि स्त्री होने पर भी रजिया उनके हाथों की कठपुतली बनाने को तैयार नहीं थी तुर्क सरदार भी किसी महिला के अधीन कार्य करने को तैयार नहीं थे उन्होंने एक षड्यंत्र के द्वारा उसे गद्दी से हटा दिया मेरा जिया के बाद उसका एक भाई एवं दो भतीजे बारी-बारी से सुल्तान बने जो अयोग्य थे अतः इल्तुतमिश के छोटे पुत्र नसीरुद्दीन महमूद को दिल्ली का सुल्तान बनाया गया दोस्तों सोचिए और बताइए उस समय लोगों का दरबारी अमीरों ने रजिया का विद्रोह किया क्यों किया होगा यदि रजिया आज शासक होती तो क्या असर होता नहीं होता एक दम नहीं होता क्योंकि आज के समय में आज के काल में महिलाएं भी उतनी ही शक्तिशाली हैं दोस्तों
SANJAY
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SANJAY
July 12, 2018
सल्तनत काल में तुर्क शासक प्रथम महिला शासिका रजिया सुल्तान
सल्तनत काल में तुर्क शासक प्रथम महिला शासिका रजिया सुल्तान
प्रथम महिला शासक कौन थी रजिया सुल्तान इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी बनाया था परंतु सरदारों तथा उलेमा के विरुद्ध विरोध के चलते इल्तुतमिश की मृत्यु के बाद उसका पुत्र रुक मुद्दीन फिरोज गद्दी पर बैठ गया लेकिन दुर्बल शासक होने के कारण 1236 जजिया दिल्ली की गद्दी पर बैठे और सुल्तान कहीं जाने लगी रजिया से पूर्व प्राचीन मिस्र और ईरान में महिलाओं ने की रानियों के रूप में शासन किया था परंतु मध्यकालीन विश्व की पहली मुस्लिम महिला सशक्ति रजिया सुल्तान रजिया ने लगभग 3 वर्ष 8 महीने शासन किया रजिया ने स्त्रियों का पहनावा छोड़ दिया और बिना पर्दे के दरबार में बैठने लगी युद्ध में सेना का नेतृत्व भी करती अमीरों को शीघ्र ही पता लग गया कि स्त्री होने पर भी रजिया उनके हाथों की कठपुतली बनाने को तैयार नहीं थी तुर्क सरदार भी किसी महिला के अधीन कार्य करने को तैयार नहीं थे उन्होंने एक षड्यंत्र के द्वारा उसे गद्दी से हटा दिया मेरा जिया के बाद उसका एक भाई एवं दो भतीजे बारी-बारी से सुल्तान बने जो अयोग्य थे अतः इल्तुतमिश के छोटे पुत्र नसीरुद्दीन महमूद को दिल्ली का सुल्तान बनाया गया दोस्तों सोचिए और बताइए उस समय लोगों का दरबारी अमीरों ने रजिया का विद्रोह किया क्यों किया होगा यदि रजिया आज शासक होती तो क्या असर होता नहीं होता एक दम नहीं होता क्योंकि आज के समय में आज के काल में महिलाएं भी उतनी ही शक्तिशाली हैं दोस्तों



